Delhi: 6836 बेड के 7 अस्पताल 3 साल से अटके, अब PPP मॉडल से शुरू करने की तैयारी
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की कई परियोजनाएं लंबे समय से अधर में लटकी हुई हैं। इनमें 6836 बेड की क्षमता वाले सात बड़े अस्पताल शामिल हैं, जिनका निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद वे अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। इन अस्पतालों में गुरु तेग बहादुर अस्पताल, गीता कॉलोनी, शालीमार बाग, सुल्तानपुरी, सरिता विहार, रघुबीर नगर और किराड़ी के अस्पताल शामिल हैं।
इन अस्पतालों के शुरू न होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उदाहरण के लिए, सरिता विहार और आसपास के इलाकों (मदनपुर खादर, जसोला, शाहीनबाग) में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। दुर्घटना या आपात स्थिति में लोगों को 9 किलोमीटर दूर एम्स या सफदरगंज अस्पताल जाना पड़ता है।
सरिता विहार अस्पताल में पार्किंग विवाद
सरिता विहार में 336 बेड का अस्पताल भवन 2022 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन पार्किंग सुविधा के अभाव के कारण यह शुरू नहीं हो पाया। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने आरोप लगाया कि नक्शे में भूमिगत पार्किंग का प्रावधान था, लेकिन ठेकेदार ने इसे नहीं बनाया। RWA ने विरोध प्रदर्शन किया और मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां से स्टे ऑर्डर मिल गया। यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट में विचाराधीन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पार्किंग की समस्या का समाधान किए बिना अस्पताल शुरू किया गया, तो इलाके में जाम की समस्या और विकराल हो जाएगी।
PPP मॉडल से शुरू करने की योजना
इन अटकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए दिल्ली सरकार ने अब 11 अस्पतालों (इन सात निर्माणाधीन अस्पतालों सहित चार नए) को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने का फैसला लिया है। सरकार ने इस प्रस्ताव की वित्तीय, तकनीकी और संचालन व्यवस्था का आकलन करने के लिए विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) शुरू किया है।
अधिकारियों के अनुसार, निजी एजेंसियां PPP मॉडल पर चल रहे अन्य अस्पतालों का अध्ययन करेंगी और अपनी रिपोर्ट देंगी। इन रिपोर्टों के आधार पर ही एग्रीमेंट तैयार किया जाएगा, जिसमें मुफ्त और पेड मरीजों का अनुपात, जिम्मेदारियां और जोखिमों का बंटवारा शामिल होगा। अनुमान है कि इन अस्पतालों को पूरी तरह संचालित करने के लिए 42,000 से अधिक मेडिकल स्टाफ की आवश्यकता होगी और इस पर लगभग 9,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
