दिल्ली में हाशिम बाबा गिरोह के 3 शूटर गिरफ्तार, सट्टेबाज से 30 लाख रंगदारी के लिए फायरिंग
पूर्वी दिल्ली के फर्श बाजार इलाके में एक बड़े आपराधिक गिरोह के मंसूबों पर पानी फिर गया है। 30 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर एक सट्टेबाज के घर के बाहर फायरिंग करने वाले कुख्यात हाशिम बाबा गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान साजिशकर्ता जहीर उर्फ गुड्डू, सलमान लड्डन और फारूक के रूप में हुई है, जिन्होंने गिरोह के इशारे पर इस वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस को 2 नवंबर की रात सूचना मिली थी कि फर्श बाजार थाना क्षेत्र की बिहारी कॉलोनी में एक घर के बाहर फायरिंग की गई है। बदमाशों ने फायरिंग के बाद घर के बाहर 30 लाख रुपये की रंगदारी का एक नोट भी छोड़ा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम के निर्देश पर फर्श बाजार थाना प्रभारी अजय करण और स्पेशल स्टाफ प्रभारी अर्जुन सिंह व राजीव शर्मा की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर बदमाशों की पहचान की और विभिन्न इलाकों से उन्हें धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस जहीर को वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने के लिए गीता कॉलोनी, यमुना खादर ले गई। इस दौरान जहीर ने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो बदमाश के पैर में लगी। इसके बाद पुलिस ने जहीर को काबू कर लिया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहीर उर्फ गुड्डू इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड निकला।
जांच में सामने आया कि हाशिम बाबा का मुख्य शूटर सचिन उर्फ गोली विदेश में है और उसने ही जहीर को सट्टेबाज बंटी के घर पर फायरिंग करने का काम सौंपा था। धनतेरस पर सचिन ने विदेश से ही बंटी को फोन करके 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब बंटी ने मना कर दिया, तो बदमाशों ने फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, सलमान और सलमान उर्फ काला ने गोलियां चलाई थीं, जबकि फारूक ने धमकी भरा नोट लिखा और उसका वीडियो भी बनाया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दक्षिणी दिल्ली में जिम मालिक नादिर शाह की हत्या के बाद से स्पेशल सेल हाशिम बाबा पर लगातार शिकंजा कस रही है। उसकी पत्नी और साले को भी अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पहले हाशिम मंडोली जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर गिरोह चलाता था, लेकिन अब उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया है और वह मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर चुका है। गिरोह पर बढ़ती कार्रवाई के कारण वह कमजोर पड़ गया था।
खुलासे में यह भी सामने आया है कि सचिन ने जहीर को चार अन्य ठिकानों पर भी फायरिंग कर रंगदारी वसूलने का ठेका दिया था। इनमें कस्तूरबा नगर में एक शराब माफिया का घर, विकास मार्ग स्थित एक क्लब के बाहर और कई अन्य सट्टेबाजों के घर शामिल थे। हालांकि, पहली रंगदारी वसूली के प्रयास में ही पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को पकड़कर उनके बड़े मंसूबों को नाकाम कर दिया। इस गिरफ्तारी से पूर्वी दिल्ली में संगठित अपराध पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता मिली है।
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