दिल्ली धमाका: अल-फलाह विश्वविद्यालय के डॉक्टर ATS के निशाने पर, अमरोहा से पूछताछ
दिल्ली में हुए हालिया बम धमाकों के बाद, खुफिया एजेंसियां फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े चिकित्सकों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही हैं। इस संबंध में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य खुफिया इकाइयों ने अमरोहा जिले के दो चिकित्सकों से गहन पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, जोया की एक महिला चिकित्सक, जो वर्तमान में एमडी की तैयारी कर रही हैं, और हसनपुर क्षेत्र के एक चिकित्सक, जो अपना क्लीनिक चलाते हैं, को एटीएस द्वारा तलब किया गया था।
पूछताछ के दौरान, दोनों चिकित्सकों ने विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। हालांकि, प्रारंभिक पूछताछ में कोई ठोस सबूत या किसी भी प्रकार का संबंध नहीं मिलने पर, उन्हें छोड़ दिया गया। यह घटनाक्रम 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें अमरोहा के दो लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने धमाके के संभावित कनेक्शन की जांच शुरू की, जिसमें फरीदाबाद का नाम भी सामने आया क्योंकि इस घटना के कुछ आरोपी अल-फलाह विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र बताए जा रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले अन्य चिकित्सक भी इस मामले में संभावित रूप से जुड़े हो सकते हैं। इसी कड़ी में, मुरादाबाद मंडल के कई चिकित्सकों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को जोया की महिला चिकित्सक से विस्तृत पूछताछ की गई, जिन्होंने 2024 में विश्वविद्यालय से एमबीबीएस पूरा किया था। इसी तरह, हसनपुर के चिकित्सक से भी पूछताछ हुई, जिन्होंने भी अल-फलाह विश्वविद्यालय से अपनी एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की है।
हालांकि, दोनों ही मामलों में, एजेंसियों को कोई निर्णायक सबूत हाथ नहीं लगा, जिसके चलते उन्हें वापस भेज दिया गया। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है। गौरतलब है कि दिल्ली धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। जम्मू-कश्मीर के डॉक्टरों की सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा, दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी गई है, और आतंकियों को अन्य शहरों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
