लाल किला ब्लास्ट के बाद दिल्ली में CCTV नेटवर्क का विस्तार, सुरक्षा पर भारी निवेश
लालकिला के पास हुए हालिया विस्फोट ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस घटना के मद्देनजर, दिल्ली सरकार ने शहर में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को न केवल गति दी है, बल्कि इसके दायरे में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
पहले की योजना के अनुसार, सीसीटीवी कैमरे मुख्य रूप से उन स्थानों पर लगाए जाने थे जहां अंधेरा रहता है या अपराध की अधिक आशंका होती है। हालांकि, अब नई योजना के तहत, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए अति संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों, जैसे कि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी अतिरिक्त कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इस व्यापक योजना के लिए 646 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के 12 महीनों के भीतर 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इन कैमरों की स्थापना के साथ-साथ, इन्हें लगाने वाली कंपनी अगले पांच वर्षों तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
योजना के अनुसार, 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे 17,000 नए पोल पर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, अंधेरे वाले स्थानों को रोशन करने के लिए सोलर लाइटें भी लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने पिछले मार्च में दिल्ली में 50,000 सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा की थी, जिसमें महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई थी। ये अत्याधुनिक कैमरे होंगे जो सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
कैमरे किन-किन स्थानों पर लगाए जाने हैं, इस संबंध में पीडब्ल्यूडी जल्द ही दिल्ली पुलिस से विस्तृत जानकारी मांगेगा। यह कदम महिला सुरक्षा के साथ-साथ अति संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने पहले से स्थापित सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव के लिए 201 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मौजूदा कॉम्प्रिहेंसिव एनुअल मेंटेनेंस कान्ट्रैक्ट (सीएएमसी) दिसंबर में समाप्त होने वाला है। पीडब्ल्यूडी डेटा साझाकरण को और सुगम बनाने और कुछ कैमरों का परिचालन नियंत्रण दिल्ली पुलिस को सौंपने पर भी विचार कर रहा है।
पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बजट में कैमरों के रखरखाव, डेटा चार्ज, इंस्टॉलेशन सब्सिडी और केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी) में तैनात कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य लागतें शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 24 घंटे नेटवर्क चालू रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल की अपराध की घटनाओं और अदालती मामलों में सीसीटीवी फुटेज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीडब्ल्यूडी ने दिल्ली पुलिस को 12,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज अनुरोधों को पूरा किया है और 10,000 से अधिक अदालती समन पर विवरण प्रदान किए हैं।
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