चक्रवात अर्नब का कहर, उत्तर भारत और नेपाल तक असर की आशंका | cyclone arnab
बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवात अर्नब अत्यंत भीषण रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस तूफान का लैंडफॉल आंध्र प्रदेश के तटों पर होना तय है, जहां हवा की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान तटीय जिलों में भारी तबाही की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही व्यापक तैयारियां कर ली हैं। स्कूलों को बंद कर दिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
तटीय इलाकों से टकराने के बाद इस तूफान के कमजोर पड़े अवशेष उत्तर-पश्चिम और उत्तर दिशा की ओर बढ़ेंगे। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि ये अवशेष उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर तक अपना असर दिखा सकते हैं। जब ये नमी से भरपूर अवशेष पाकिस्तान की ओर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ से टकराएंगे, तो उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में अचानक भारी बारिश और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन व बर्फबारी का खतरा काफी बढ़ जाएगा।
जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री तापमान में हो रही वृद्धि इन चक्रवातों को और अधिक आक्रामक बना रही है, जिससे इनका प्रभाव क्षेत्र भी अब तटीय सीमाओं को लांघकर दूरदराज के राज्यों तक फैल रहा है। कृषि क्षेत्र को इस बेमौसम बारिश से भारी नुकसान की आशंका है, क्योंकि इस समय कई फसलें खेतों में पककर तैयार हैं। केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
