साइबर ठगी: 100 म्यूल खातों से 8 करोड़ पार, जालसाजों के तार कई राज्यों में
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से पकड़े गए साइबर जालसाजों ने 100 से अधिक म्यूल खाते खोलकर आठ करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर करने का खुलासा हुआ है। ये खाते विभिन्न बैंकों में ठेले-खोमचे वालों और दिहाड़ी मजदूरों के दस्तावेजों के आधार पर खोले गए थे। इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये गिरोह जनसुविधा केंद्रों की मदद से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रुपये कैश कराते थे और फर्जी आधार कार्ड भी बनवाते थे। अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया कि गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरोह खुद को ‘बाबा’ ग्रुप के नाम से पहचानता था।
यह गिरोह मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों को इन म्यूल खातों में ट्रांसफर करता था। इसके बाद रकम निकालकर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलकर सरगना को भेजा जाता था।
इस पूरे खेल में गिरोह को ट्रांसफर की गई रकम का 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था, जिसमें से दो प्रतिशत खाताधारकों को दिया जाता था। कई बार तो गिरोह के सदस्य केवाईसी के बहाने लोगों से दस्तावेज लेकर उन्हीं के नाम पर बैंक खाते खुलवा लेते थे। इस तरह की ठगी से आम लोगों की गाढ़ी कमाई भी खतरे में पड़ सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
