कानपुर एक्सप्रेसवे पर क्रैश बैरियर टूटे, मरम्मत की सड़क भी उखड़ी, सुरक्षा पर सवाल
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार खामियां सामने आ रही हैं, जिससे वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के महज 14वें दिन ही सड़क धंसने की घटना हुई थी, और अब क्रैश बैरियर में टूट-फूट और दरारें चिंता का विषय बन गई हैं।
क्रैश बैरियर और सड़क की गुणवत्ता पर सवाल
हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे के ऊपर बने पुल पर दो जगह क्रैश बैरियर टूटे मिले हैं। इनमें से एक स्थान लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किमी 55.5 पर है, जिसके नीचे गंगा एक्सप्रेसवे गुजरता है। यदि कोई वाहन यहां दुर्घटनाग्रस्त होकर क्रैश बैरियर से टकराता है, तो उसके नीचे गिरने का गंभीर खतरा हो सकता है। इससे पहले भी कई स्थानों पर क्रैश बैरियर में दरारें पाई गई थीं, जिन्हें एनएचएआई अधिकारियों ने ठीक कराने का आश्वासन दिया था। वहीं, कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन में किमी 59.2 पर हाल ही में मरम्मत की गई सड़क फिर से उखड़ने लगी है, जिससे सड़क पर बजरी फैल गई है और वाहन फिसलने का खतरा बढ़ गया है। डिवाइडर के पास तेज धूप के बावजूद बारिश का पानी जमा होना निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह पैदा करता है।
गति सीमा और मरम्मत कार्य का प्रभाव
एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और एसयूवी जैसे छोटे चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा तय है। हालांकि, सड़क धंसने और लगातार चल रहे मरम्मत कार्यों के कारण वाहन चालकों को कई स्थानों पर धीमी गति से गुजरना पड़ रहा है। बुधवार को भी कानपुर-लखनऊ मार्ग पर किमी 60.1, किमी 69, किमी 29.8 और 29.9 पर मरम्मत कार्य जारी था, जिससे वाहनों की गति प्रभावित रही।
अस्थायी बैरियर हटने से बढ़ा दुर्घटना का खतरा
पिछले दिनों मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों को गलत साइड (रांग साइड) डायवर्ट करने के लिए एक्सप्रेसवे पर तीन स्थानों से हटाए गए अस्थायी बैरियरों को मरम्मत पूरी होने के बाद भी दोबारा नहीं लगाया गया है। इससे कुछ वाहन चालक इंटरचेंज तक जाने के बजाय वहीं से रास्ता बदल रहे हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहा है।
भारी वाहनों पर रोक जारी
मरम्मत कार्य के कारण कानपुर से लखनऊ रूट पर भारी वाहनों पर रोक जारी है। उन्नाव के दोनों टोल प्लाजा आजाद मार्ग और कोरोरी के पास बड़े-बड़े पत्थर रखकर भारी वाहनों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से रोका जा रहा है, जिससे केवल कारें ही गुजर सकती हैं।
