KGMU में धर्मांतरण गैंग का खुलासा, डॉक्टर रमीज के निशाने पर थीं 2 हिंदू लड़कियां
केजीएमयू में यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर रमीज के खिलाफ एजेंसियों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। रमीज काजी और मौलानाओं के साथ मिलकर धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहा था। उसके निशाने पर कई हिंदू लड़कियां थीं, जिनमें से दो को उसके जूनियर डॉक्टर ने टारगेट किया था। इस मामले में पुलिस और एजेंसियां फंडिंग के स्रोत का भी पता लगा रही हैं।
जांच एजेंसियों को पता चला है कि डॉक्टर रमीज ने 13 साल पहले आगरा के एसएनएमसी कॉलेज से एमबीबीएस करते हुए ही धर्मांतरण गिरोह का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया था। वहां वह मौलानाओं और काजियों के संपर्क में आया और धर्मांतरण की नींव डाली। बाद में बस्ती मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भी उसने इसी तरह का नेटवर्क तैयार किया। उसका मकसद हिंदू लड़कियों को टारगेट करना था।
रमीज से जुड़े कई अन्य रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी हिंदू महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। रमीज की गिरफ्तारी के बाद ये सभी फरार हो गए या छिप गए। पुलिस और एजेंसियों को रमीज के आगरा नेटवर्क के बारे में भी अहम जानकारियां मिली हैं।
डॉक्टर रमीज के बैंक खातों से उसकी फरारी के दौरान भी लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि उसने पांच से सात लाख रुपये पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े एक व्यक्ति को भेजे थे। पुलिस और एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि ये रुपये क्यों भेजे गए थे।
23 दिसंबर को डॉक्टर रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने, धमकी देने और धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद वह फरार हो गया था और दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी समेत कई स्थानों पर छिपा रहा।
पुलिस और एजेंसियां रमीज और गिरोह से जुड़े लोगों की फंडिंग के स्रोत का भी पता लगा रही हैं, जिसमें यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह फंडिंग विदेशों से तो नहीं हुई। इसके लिए रमीज के अलावा उसके करीबियों, रिश्तेदारों, माता-पिता और फरार काजी जाहित व उसके साथी के बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं।
