स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये की सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा, केंद्र सरकार का फैसला
केंद्र सरकार ने स्मार्ट मीटर की खरीद पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये की सब्सिडी का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। विद्युत अधिनियम-2003 के प्रावधानों के अनुसार, सब्सिडी की यह राशि उपभोक्ताओं को ही मिलनी चाहिए।
स्मार्ट मीटर की लागत में कमी
नियामक आयोग द्वारा तय किए गए स्मार्ट मीटर के दाम में अब 900 रुपये की कटौती की जाएगी। सिंगल फेज स्मार्ट मीटर के लिए जहां पहले 2800 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब उपभोक्ताओं को केवल 1900 रुपये ही चुकाने होंगे। इसी तरह, थ्री फेज मीटर के दाम 4100 रुपये से घटकर 3200 रुपये हो सकते हैं। यह कमी केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण संभव हुई है।
सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को क्यों?
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अनुसार, रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पर केंद्र सरकार 900 रुपये की सब्सिडी दे रही है। यह योजना पुराने मीटरों को बदलने के लिए शुरू की गई थी, जिसमें उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लेना था। अब यही मीटर नए कनेक्शन में भी इस्तेमाल हो रहे हैं, इसलिए नए कनेक्शन धारकों को भी इस सब्सिडी का लाभ मिलना चाहिए।
योजना का विस्तार और भविष्य
आरडीएसएस योजना, जिसे पहले 31 मार्च 2026 तक के लिए लागू किया गया था, अब 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से सब्सिडी की स्थिति यथावत रखने की सहमति भी प्राप्त कर ली है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियों को सब्सिडी की रकम का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना अनिवार्य है। इससे स्लैब व्यवस्था से प्रभावित होने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
