सीएमओ टीम का 10 अस्पतालों पर छापा, तीन बिना पंजीकरण संचालित, कई में डॉक्टर नदारद | Lucknow News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अवैध संचालन पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनबी सिंह के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के दुबग्गा, ठाकुरगंज और हरदोई रोड स्थित 10 निजी अस्पतालों पर औचक छापा मारा। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जो मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह कार्रवाई मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
छापेमारी के दौरान जीवन ज्योति, मां वैष्णव और इंपल्स अस्पताल बिना किसी वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र के संचालित होते पाए गए। टीम के पहुंचने पर इन अस्पतालों में मरीज भर्ती थे, लेकिन मौके पर कोई एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों का इलाज नर्सों और अन्य गैर-चिकित्सा स्टाफ के भरोसे चल रहा था। जब इन अस्पतालों के स्टाफ से पंजीकरण प्रमाण पत्र मांगा गया, तो वे उसे प्रस्तुत नहीं कर सके और न ही अस्पताल परिसर में कहीं प्रदर्शित किया गया था। इन तीनों अस्पतालों को तत्काल नोटिस जारी किया गया है और जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इनके संचालन को बंद करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, समीर, बॉम्बे, सरकार, निदान, एसआरएस, हर्बल और न्यू लखनऊ सिटी अस्पताल में भी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इन अस्पतालों में भी मौके पर एमबीबीएस डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए, जबकि मरीज भर्ती थे। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि इन अस्पतालों में बायो-मेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। इन सभी अस्पतालों को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन सभी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान Lucknow news में अवैध स्वास्थ्य सेवाओं पर लगाम लगाने के लिए जारी रहेगा।
