लखनऊ में ‘child trafficking’ का भंडाफोड़, बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे 4 नाबालिग बच्चे बचाए गए
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मानव तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर, टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन के कोच संख्या S-06 की तलाशी ली। इस दौरान पश्चिम बंगाल निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से चार नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया।
पूछताछ में पता चला कि बच्चों को काम दिलाने के बहाने राज्य के बाहर ले जाया जा रहा था। बच्चों की उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच है। आरोपी ने उन्हें गुजरात स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम दिलाने का लालच दिया था, जिसके लिए प्रतिदिन 700 से 800 रुपये मजदूरी का वादा किया गया था। बच्चों का यात्रा टिकट भी आरोपी द्वारा ही कराया गया था।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना AHTU लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेशानुसार राजकीय बालगृह (बालक), मोहन रोड, लखनऊ में सुरक्षित आश्रय दिया गया है।
