Celebrity brands: भारत में क्यों कुछ सितारे सफल होते हैं और कुछ नहीं?
आजकल, मशहूर हस्तियों द्वारा स्थापित ब्रांडों की बाढ़ आ गई है। यह चलन अब सिर्फ विज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि सितारे अब अपने खुद के उत्पाद लॉन्च कर रहे हैं। हालांकि, इनमें से कुछ ही ब्रांड लॉन्च के शुरुआती उत्साह के बाद टिक पाते हैं। वैश्विक स्तर पर, Rihanna का Fenty Beauty एक बेंचमार्क है, जिसने समावेशी फाउंडेशन शेड्स की कमी को पूरा करके सौंदर्य उद्योग को बदल दिया। भारत में भी, Hrithik Roshan के HRX और Katrina Kaif के Kay Beauty जैसे ब्रांडों ने सफलता हासिल की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रसिद्धि ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन प्रासंगिकता ही ब्रांड को बनाए रखती है। XLRI जमशेदपुर के प्रोफेसर सुभासिस रे के अनुसार, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट से लेकर ब्रांड स्वामित्व तक का सफर लंबा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सितारों को अक्सर बड़े बाजारों का फायदा मिलता है, जबकि राष्ट्रीय सितारों के लिए सफलता उनकी अपनी करियर अवधि, उत्पाद के अंतर और L’Oreal जैसे बड़े प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करने की क्षमता पर निर्भर करती है।
भारत में, Celebrity brands की सफलता की कहानियाँ अब सिर्फ अभिनेताओं और एथलीटों तक सीमित नहीं हैं। आज, डीप ऑडियंस इंटिमेसी वाले क्रिएटर्स भी सफल हो रहे हैं। कुशा कपिला का ‘Underneat’ इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। यह ब्रांड बॉडी कॉन्फिडेंस पर खुलकर बात करने पर केंद्रित है, न कि सिर्फ ग्लैमर पर। आठ महीनों के भीतर, इस ब्रांड ने लगभग 150 करोड़ रुपये का वार्षिक आवर्ती राजस्व अर्जित किया। इसी तरह, पारुल गुलाटी का ‘Nish Hair’ भी एक विशिष्ट आला (niche) पर केंद्रित है, जिसने व्यक्तिगत कहानी और उत्पाद की गुणवत्ता के दम पर सफलता पाई।
गायक-उद्यमी जशन भूमकर के अनुसार, ये ब्रांड इसलिए सफल होते हैं क्योंकि वे उपभोक्ता की वास्तविक समस्या का समाधान करते हैं। उन्होंने कहा कि सेलिब्रिटी का नाम विश्वसनीयता को गति दे सकता है, लेकिन कोई भी ब्रांड बुनियादी बातों से बच नहीं सकता। उत्पाद की गुणवत्ता, आपूर्ति श्रृंखला अनुशासन और वित्तीय दक्षता ही अंततः परिणाम तय करती है। Hrithik Roshan का HRX, जो 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व पार कर चुका है, अपने स्पष्ट फिटनेस फोकस और वितरण के कारण सफल रहा है।
