लखनऊ के दुबग्गा में मंदिर सेवादार की निर्मम हत्या, तीन गिरफ्तार | Lucknow Crime News
लखनऊ के दुबग्गा स्थित बरावन कलां में एक मंदिर के सेवादार कल्लू प्रजापति (60) की गुरुवार देर रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को मंदिर के बगल में सड़क किनारे 20 फीट गहरे प्लाटिंग साइड में फेंक दिया था। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने लहूलुहान शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों अंकित तिवारी, राहुल रावत और राहुल कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है और इलाके में भय का माहौल है।
कल्लू प्रजापति पिछले 25 वर्षों से पीर नगर गांव स्थित आश्रय हीन कॉलोनी के एक मंदिर में झोपड़ी बनाकर रहते थे और उसकी देखरेख करते थे। वह मूल रूप से उन्नाव के नेवतनी, मोहन रोड हसनगंज के रहने वाले थे। मृतक के भाई पुत्तीलाल के अनुसार, 16 जनवरी की रात अंकित तिवारी की स्कूटी संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थी। अंकित को संदेह था कि कल्लू ने ही उसकी स्कूटी जलाई है, जिसके बाद दोनों के बीच कई बार कहासुनी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी मंदिर के आसपास गांजे का व्यापार भी करते थे, जिसका कल्लू अक्सर विरोध करते थे।
गुरुवार रात अंकित अपने दो साथियों के साथ मंदिर पहुंचा और बिजली के केबल तोड़ने लगा। कल्लू ने इसका विरोध किया तो आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। हालांकि, देर रात अंकित अपने साथियों के साथ दोबारा मंदिर पहुंचा और कल्लू को गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। तीनों ने मिलकर कल्लू का गला घोंट दिया। हत्या के बाद उन्होंने कल्लू के ही चादर और पैंट से गला कसकर शव को 20 फीट गहरे खाली मैदान में फेंक दिया और फरार हो गए।
दुबग्गा कोतवाल श्रीकांत राय ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
