रिश्वतखोर इंजीनियर को कोर्ट से मिली सजा, 20 हजार की रिश्वत लेते हुए हुए थे गिरफ्तार
पटना में निगरानी अदालत ने रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के आरोप में एक साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही, उन पर 40 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। यदि वे जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त दो महीने जेल में बिताना होगा।
यह मामला 24 अक्टूबर 2007 का है, जब निगरानी विभाग की टीम ने पटना के बिहार राज्य पुल निर्माण निगम डिवीजन प्रथम के कार्यालय परिसर में विनय कुमार सिंह को परिवादी ठेकेदार हरेन्द्र सिंह से बिल पास करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में ग्यारह गवाहों ने अपनी गवाही दी थी।
दूसरी ओर, इसी खबर में एक अन्य घटना का भी जिक्र है, जिसमें दानापुर में हुई राम कुमार उर्फ रामजी राय की हत्या के मामले में फरार चल रहे कन्हाई सिंह को एसटीएफ ने सीतामढ़ी से गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में पहले भी दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी वर्चस्व का मामला सामने आया है। पुलिस गिरफ्तार कन्हाई सिंह से पूछताछ कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
