राष्ट्रपति के बयान पर राहुल गांधी के दावे को बीजेपी ने बताया झूठ | national politics
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने राहुल गांधी के उस बयान को सरासर झूठ करार दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चुनाव में कथित धांधली के आरोपों का खंडन नहीं किया और विपक्षी गठबंधन के डेलीगेशन की बात को स्वीकार कर लिया। सत्तारूढ़ दल ने इसे देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है।
राजनीतिक सरगर्मी तब बढ़ी जब विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर वोट चोरी के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा था। इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया के सामने दावा किया था कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातों को माना है। इस दावे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बीजेपी ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि ऐसे बयानों से देश की सर्वोच्च संस्थाओं को विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बीजेपी ने राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उनकी मंशा पर सवाल उठाए हैं। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि इस तरह के बेबुनियाद दावे जनता को भ्रमित करने और अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए किए जा रहे हैं। इस विवाद के तूल पकड़ने से देश की राजनीति में एक बार फिर पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है, जिसका असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ना तय है।
