यूपी कैबिनेट बैठक में छात्रों और शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने मंगलवार को हुई बैठक में कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों छात्रों, शिक्षामित्रों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार ने आगामी चुनावों को देखते हुए युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण और लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे शिक्षाकर्मियों को राहत देने पर मुख्य फोकस रखा है।
25 लाख छात्रों को स्मार्टफोन और लैपटॉप
कैबिनेट ने ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के अगले चरण को हरी झंडी दे दी है। इस प्रस्ताव के तहत प्रदेश के लगभग 25 लाख स्नातक, स्नातकोत्तर और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को लैपटॉप और स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए बजट में पहले ही भारी भरकम राशि का प्रावधान किया है। इन उपकरणों की खरीद जैम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे युवाओं को डिजिटल रूप से साक्षर बनाया जा सके।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि
बैठक का दूसरा सबसे बड़ा एजेंडा प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षामित्रों और हजारों अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि करना था। मुख्यमंत्री ने हाल ही में संकेत दिए थे कि अप्रैल 2026 से ही बढ़ा हुआ मानदेय लागू किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाकर शिक्षाकर्मियों को होली के बाद एक और बड़ी खुशखबरी दी है। माना जा रहा है कि मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि के साथ-साथ उनके लिए कुछ अन्य सुविधाओं पर भी चर्चा हुई है।
परिवहन और पुनर्वास से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी
परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्तावों में पीपीपी (PPP) मॉडल पर बस अड्डों के आधुनिक विकास को गति दी जाएगी। कैबिनेट ने बलरामपुर के तुलसीपुर और हाथरस में नए बस अड्डों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) की बेशकीमती जमीन परिवहन निगम को नि:शुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे इन क्षेत्रों में यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, बांग्लादेश विभाजन के समय विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में बसे परिवारों को आपदा राहत और पुनर्वास से जुड़े लाभ देने का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा।
