UP government का बड़ा फैसला, निकायों को देनी होगी अपनी संपत्तियों की पूरी जानकारी
शहरी क्षेत्रों में अवैध कब्जों की बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने प्रदेश के सभी स्थानीय निकायों (Nagar Nigam, Palika Parishad, Nagar Panchayat) को अपनी सभी संपत्तियों का विस्तृत लेखा-जोखा तैयार करने का निर्देश दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निकायों की संपत्तियों को सुरक्षित रखना और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता लाना है।
वर्तमान में, शहरी विकास की तेज गति के बावजूद, सरकार के पास निकायों के अधीन आने वाली संपत्तियों का कोई केंद्रीय रिकॉर्ड नहीं है। इस कमी के कारण आए दिन इन संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिलती रहती हैं। सरकार का मानना है कि सटीक जानकारी के अभाव में इन संपत्तियों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजे गए निर्देश के अनुसार, निकायों को अपनी भौतिक संपत्तियों (Physical Assets) जैसे भूमि, भवन, कार्यालय, सड़कें, पुल, मशीनरी और वाहनों की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, वित्तीय स्थिति (Financial Status) का भी ब्यौरा मांगा गया है। इसमें हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, सीवर टैक्स की सालाना वसूली, किराए से होने वाली आय और कुल बजट व खर्च का विवरण शामिल है।
प्रदेश में कुल 762 निकाय हैं, जिनमें 17 नगर निगम, 200 पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में उपयोग की जाएगी और शेष रिकॉर्ड निदेशालय स्तर पर रखा जाएगा ताकि भविष्य में आवश्यकतानुसार इसका उपयोग किया जा सके।
