द्वारका कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से रेप-मर्डर के दोषी को मरते दम तक जेल, Delhi court news
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने 2017 के एक जघन्य रेप और मर्डर केस में दोषी अनुज रावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज वैभव मेहता की कोर्ट ने दोषी को उसकी बाकी जिंदगी के लिए जेल की सजा दी। यह मामला डाबरी पुलिस स्टेशन इलाके का था, जहां 14-15 साल की नाबालिग लड़की के साथ यह अपराध हुआ था। कोर्ट ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत सजा सुनाई है।
सुनवाई के दौरान, पीड़िता के माता-पिता ने कोर्ट में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि मृतक उनकी इकलौती बेटी थी और दोषी के क्रूर कृत्य ने उनका जीवन तबाह कर दिया। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और परिवार ने दोषी के लिए मौत की सजा की मांग की, इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी का अपराध बताया।
दोषी के वकील ने उसके तीन छोटे बच्चों और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नरमी की अपील की। हालांकि, कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि यह अपराध समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाला था। कोर्ट ने कहा कि दोषी को आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सजा के साथ ही, कोर्ट ने पीड़िता के परिवार को 25.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। इसमें हत्या के अपराध के लिए 15 लाख रुपये और POCSO एक्ट के तहत 10.50 लाख रुपये शामिल हैं। दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
