कानपुर में आवारा कुत्तों से मुक्ति के लिए बड़ा एक्शन, स्कूल-अस्पताल होंगे डॉग-फ्री
कानपुर जिला प्रशासन ने शहर के सार्वजनिक स्थानों को आवारा कुत्तों से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्कूलों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन परिसरों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुपालन में लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन और विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित संस्थानों को अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इन नोडल अधिकारियों का दायित्व होगा कि वे नियमित रूप से निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि परिसर के भीतर आवारा कुत्ते प्रवेश न करें। यदि कहीं समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल नगर निगम से समन्वय स्थापित कर समाधान कराया जाए।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 1.36 लाख स्ट्रीट डॉग दर्ज हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्टरलाइजेशन अभियान में पशु प्रेमियों को भी जोड़ा जाए और उन्हें प्रेरित किया जाए। संवेदनशील स्थानों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, नगर निगम और संस्थानों के आपसी समन्वय से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
