कानपुर में भागवत कथा: आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी बोले- माता-पिता की सेवा से मिलती है प्रभु की कृपा
कानपुर के मोतीझील में श्री बांके बिहारी जी परिवार समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने भक्ति प्राप्ति के क्रम को विस्तार से समझाते हुए कहा कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों में पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार माता-पिता की सेवा और देशप्रेम तक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन लोगों के माता-पिता प्रसन्न रहते हैं, उन पर प्रभु की विशेष कृपा बनी रहती है और वे जीवन में निरंतर प्रगति करते हैं।
आचार्य गोस्वामी ने युवाओं को माता-पिता की सेवा और देशभक्ति का संदेश देते हुए कहा कि मंदिरों में देवी मां को चुनरी अर्पित करने के साथ-साथ अपने माता-पिता का सम्मान और सेवा करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने माता-पिता से भी आह्वान किया कि वे बच्चों में देशप्रेम और कर्तव्यबोध की भावना विकसित करें। जिस मातृभूमि में जन्म लिया है, उसके प्रति हमारे दायित्वों का निर्वहन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
कथा के दौरान आचार्य ने सनातन धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला, जिसमें सत्य मार्ग, अहिंसा, प्रभु सेवा और सदाचार पर बल दिया गया। इस अवसर पर “कर दो कर दो नैया पार मेरे बांके बिहारी” और “राम नाम के हीरे मोती” जैसे भजनों पर श्रोतागण भावविभोर होकर झूम उठे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती प्रमिला पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
