यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी | delhi news
दिल्ली की एक अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ाते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई साल 2018 में दर्ज किए गए एक आपराधिक मानहानि के मामले में की गई है, जिसे भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल से जुड़े विकास पांडे ने दाखिल किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक आपत्तिजनक वीडियो अपलोड कर उनकी मानहानि की थी।
अदालत का कड़ा रुख और समन की प्रक्रिया
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह आदेश तब पारित किया जब समन तामील कराने पहुंचे अधिकारी ने बताया कि ध्रुव राठी का घर बंद मिला और समन प्रभावी रूप से पहुंचाया नहीं जा सका। अदालत ने संज्ञान लिया कि शिकायतकर्ता पिछले कई वर्षों से लगातार समन तामील कराने का प्रयास कर रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राठी आमतौर पर विदेश में रहते हैं और हाल ही में कुछ प्रदर्शनों के सिलसिले में भारत आए थे। इस मामले में पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था, लेकिन लंबी प्रक्रिया के बाद भी पेशी सुनिश्चित नहीं हो सकी।
जनता पर प्रभाव और आगामी कार्यवाही
सोशल मीडिया प्रभावितों और जन प्रतिनिधियों से जुड़े ऐसे कानूनी मामले इस बात को रेखांकित करते हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिए गए बयानों और सामग्री के प्रति जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है। इस तरह के मामलों से डिजिटल स्पेस में कानूनी दायरे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच की सीमाएं तय होती हैं। फिलहाल, अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
