ताजमहल में तिरंगा फहराने की कोशिश, CISF ने हिंदूवादी नेताओं को हिरासत में लिया | Taj Mahal protest
आगरा में 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ताजमहल के परिसर में तिरंगा फहराने की कोशिश करने वाले हिंदूवादी नेताओं को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने समय रहते हिरासत में ले लिया। CISF की सतर्कता के कारण उनकी मंशा पूरी नहीं हो सकी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हिंदू महासभा ने घोषणा की है कि वे ताजमहल पर तिरंगा फहराने की अपनी कोशिशें जारी रखेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कुछ समय पहले भी इसी संगठन के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल को शिव मंदिर ‘तेजोमहालय’ बताते हुए जलाभिषेक करने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने रोक दिया था।
पुलिस के अनुसार, तीन अगस्त को अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल परिसर में दाखिल होकर जलाभिषेक करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें पहले ही रोक लिया गया था। हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने दावा किया कि ताजमहल एक शिव मंदिर है और यदि वहां कव्वाली हो सकती है तो पूजा-अर्चना भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन आने वाले सोमवारों पर भी पूजा का प्रयास करेगा।
इस बीच, ताजमहल में सावन महीने में जलाभिषेक और अन्य त्योहारों पर पूजा-अर्चना की अनुमति को लेकर एक मामला अदालत में भी विचाराधीन है। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की है। वादी अजय तोमर ने ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ मानते हुए सावन माह में जलाभिषेक की अनुमति के लिए याचिका दायर की है।
ऐसी घटनाएं पर्यटन स्थलों की सुरक्षा और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सवाल खड़े करती हैं, जिससे आम जनता की भावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
