अमरनाथ यात्रा 2026: जलवायु परिवर्तन से पिघले बाबा बर्फानी, आगरा के श्रद्धालु निराश
अमरनाथ यात्रा पर गए आगरा के श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह इस बार बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन से वंचित रह गया। यात्रा के पांचवें दिन ही प्राकृतिक हिमलिंग के पिघल जाने के कारण कई श्रद्धालु मायूस होकर लौटे। यह घटना जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के गंभीर प्रभावों को उजागर करती है।
लगभग आठ-नौ सौ किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लगी। यात्रा के पांचवें दिन, मंगलवार को, तापमान में वृद्धि और मौसम में लगातार बदलाव के कारण हिमलिंग लगभग अंतर्ध्यान हो गया। बुधवार को पहुंचे श्रद्धालुओं को यह खबर सुनकर दुख हुआ, लेकिन उनकी आस्था अटूट रही। उनका मानना है कि बाबा के धाम तक पहुंचना और पवित्र गुफा में शीश झुकाना भी एक सौभाग्य है।
कई श्रद्धालुओं ने अगली बार समय से यात्रा कर बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन करने की कामना की। श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमलिंग अपेक्षाकृत जल्दी पिघल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, बोर्ड वर्ष 2027 से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत पहले, संभवतः 25 जून से, करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य हिमलिंग को अधिक समय तक सुरक्षित रखना है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव, बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग के कारण बाबा बर्फानी समय से पहले पिघल गए। इस साल मई में शिवलिंग की ऊंचाई लगभग सात फीट आंकी गई थी, लेकिन यात्रा शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर ही यह 90 प्रतिशत से अधिक पिघलकर लगभग एक फीट रह गया और अंततः मंगलवार को पूरी तरह पिघल गया। इस घटना का सीधा असर श्रद्धालुओं की यात्रा योजनाओं और उनकी आध्यात्मिक भावनाओं पर पड़ा है।
