फुटवियर उद्योग का FTA से दोगुना होगा कारोबार, 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद
भारत ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने उद्योग में बड़ी संभावनाएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और वैश्विक आर्थिक साझेदारियों के चलते यह उद्योग मौजूदा 26 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। डावर ने कंगारुओं की धरती पर आयोजित व्यापारिक सम्मेलन में भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए शिक्षा विषय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरों का यह व्यवसाय भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है और शिक्षा इसमें परिवर्तन का मूल है।
डावर के अनुसार, जिस उद्योग को कभी अशिक्षितों का माना जाता था, उसी से जुड़े व्यक्ति का वैश्विक मंच पर शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बोलना गौरव की बात है। उन्होंने शिक्षा को अनुकूलन क्षमता, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर केंद्रित करने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि AI युग में अनुकूलन क्षमता सबसे महत्वपूर्ण कौशल है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं के साथ-साथ फैक्ट्रियों, डिजाइन सेंटरों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं और इनोवेशन हब में व्यावहारिक प्रशिक्षण की वकालत की। डावर ने शिक्षा, अनुसंधान, विनिर्माण, स्टार्टअप और इनक्यूबेशन को एक ही परिसर में विकसित करने के लिए इंटीग्रेटेड लर्निंग कॉम्प्लेक्स की अवधारणा भी प्रस्तुत की। इस उद्योग के विकास से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
