डोडा हादसे में अलीगढ़ का जवान मोनू शहीद, परिवार को मिला ‘शहीद’ का दर्जा
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना की एक गाड़ी के खाई में गिर जाने से अलीगढ़ के लाल, जवान मोनू की शहादत की खबर ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। दाउदपुर गांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। मोनू के माता-पिता, भाई और पत्नी सदमे में हैं।
शहीद मोनू का सैन्य सफर
मोनू, किसान प्रताप सिंह के तीन बेटों में से एक थे। साल 2019 में अपने भाई प्रशांत के साथ सेना में भर्ती हुए थे। दोनों भाई वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे, जहां एक दुखद हादसे में मोनू ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह खबर सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार का दर्द और गर्व
भाई सोनू ने बताया कि मोनू बचपन से ही देश सेवा के लिए प्रेरित था और अक्सर कहता था कि वह देश के लिए शहीद होना चाहता है। पिता प्रताप सिंह ने अपने जाबांज बेटे की शहादत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि मोनू हमेशा अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक रहा। देशप्रेम उसके लिए सर्वोपरि था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
मोनू की शादी 2023 में हाथरस की पूजा से हुई थी और उनकी डेढ़ साल की बेटी देविका है। हादसे से कुछ समय पहले ही मोनू ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और कहा था कि वह पहाड़ों पर चढ़ाई कर रहा है और उसका नाम लेकर आगे बढ़ रहा है।
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