डिप्टी CM को अखिलेश की सलाह: सपा रैली फ्लॉप बताने से पहले चेक कराएं अपनी Eyesight
उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कानपुर के किडनी कांड में भाजपा के लोग शामिल हैं और स्वास्थ्य मंत्री को होश नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को सपा की रैली फ्लॉप दिख रही है, जबकि उन्हें अपने ही विभाग के डॉक्टर से अपनी आंखों की जांच करवानी चाहिए।
दरअसल, उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने हाल ही में दादरी में हुई सपा की ‘भाईचारा रैली’ को फ्लॉप करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि सपा प्रमुख का दादरी दौरा पूरी तरह असफल रहा और जनसभा में खाली कुर्सियां इसकी गवाह हैं। पाठक ने सपा के ‘PDA’ को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव केवल पुराने हथकंडों से सत्ता पाना चाहते हैं।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि अखिलेश यादव कितनी भी रैलियां कर लें, लेकिन गुंडाराज, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का समय समाप्त हो चुका है। उन्होंने सपा के शासनकाल को दंगों, असुरक्षा और लूट का अंधकार युग बताया, जिसे जनता कभी नहीं भूलेगी।
इसके जवाब में, अखिलेश यादव ने कहा कि दादरी रैली में मिले जनसमर्थन से भाजपा के होश उड़ गए हैं, जिसके कारण सरकार के लोगों की भाषा बदल गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में PDA की सरकार बनाकर सामाजिक न्याय की स्थापना की जाएगी। फेक करेंसी प्रकरण पर उन्होंने कहा कि देवरिया और गोरखपुर में गोरखधंधा चल रहा है और भाजपा सरकार में नकली नोट देश में आ रहे हैं।
