बिकरू कांड: विदेशी असलहों के मामले में चार दोषी करार, मिली सजा
कानपुर में बिकरू कांड में इस्तेमाल हुए विदेशी असलहों के मामले में अपर जिला जज कमलेश कुमार मौर्या ने आयुध अधिनियम के तहत चार दोषियों को सजा सुनाई है। इनमें दो को सात-सात साल की कैद और दो को ढाई-ढाई साल की कैद की सजा मिली है। इस मामले में कुल 53 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से चार को दोषी पाया गया है।
यह घटना 2 जुलाई 2020 की रात कानपुर देहात के बिकरू गांव में हुई थी, जब विकास दुबे और उसके गिरोह ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू कांड के बाद, पुलिस ने पनकी क्षेत्र से चार आरोपियों – संजय परिहार, रामजी कश्यप, अभिनव तिवारी और शुभम पाल को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने उनके पास से कई विदेशी और देसी हथियार बरामद किए थे, जिनमें कारबाइन मशीन गन, अमेरिकी राइफल और रिवॉल्वर शामिल थे।
सबूतों और गवाहों के आधार पर, अदालत ने चारों को आयुध अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। रामजी और संजय को सात-सात साल की कैद और क्रमशः 10,000 और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, अभिनव और शुभम को ढाई-ढाई साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि अवैध हथियारों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानून कितनी सख्ती से पेश आता है, जिसका सीधा असर आम जनता की सुरक्षा पर पड़ता है।
