AI और साइबर सुरक्षा से बढ़ेगी Indian Navy की ताकत, IIT कानपुर करेगा मदद
भारतीय नौसेना अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर काम करेगी। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने हाल ही में आईआईटी कानपुर का दौरा किया, जिसके बाद दोनों संस्थानों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में सहयोग को लेकर सहमति बनी है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और तटीय क्षेत्रों की डिजिटल सुरक्षा को उन्नत बनाना है।
एडमिरल त्रिपाठी ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) और C3I हब में चल रहे नवाचारों और अनुसंधान कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। संस्थान के उप निदेशक प्रो. बृजभूषण और अन्य अधिकारियों ने उन्हें विकसित की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों, टूल्स और प्रणालियों के बारे में जानकारी दी। नौसेना प्रमुख ने विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र से जुड़े डीप-टेक नवाचारों में गहरी रुचि दिखाई।
बैठक के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी ने तटीय क्षेत्रों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की। संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार आधुनिक साइबर निगरानी प्रणालियों और रियल-टाइम डेटा एनालिसिस के जरिए समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक वर्तमान में बंदरगाहों को साइबर सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं, जिसे अब नौसेना के साथ मिलकर और मजबूत किया जाएगा।
इस दौरे के बाद यह तय हुआ है कि भारतीय नौसेना जल्द ही आईआईटी की तकनीक का उपयोग अपने सुरक्षा कवच को मजबूत करने में करेगी। एडमिरल ने 15 उच्च प्रभावी डीप-टेक स्टार्टअप्स का भी निरीक्षण किया, जिनमें स्वायत्त प्रणाली, ड्रोन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के स्टार्टअप शामिल थे। उम्मीद है कि जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच औपचारिक समझौता (MoU) होगा, जिससे संयुक्त परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी और सेना को अत्याधुनिक तकनीक की मदद से मदद मिलेगी।
