ताजमहल में शाहजहां के उर्स का विरोध, हिंदू महासभा ने किया जलाभिषेक और शिव चालीसा का पाठ | agra news
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में स्थित विश्व धरोहर ताजमहल एक बार फिर धार्मिक और प्रशासनिक विवादों के केंद्र में आ गया है। मुगल बादशाह शाहजहां के 369वें तीन दिवसीय उर्स के आयोजन के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। पहले दिन शुरू हुई उर्स की रस्मों के बीच संगठन के सदस्यों ने ताजमहल के पिछले हिस्से यानी मेहताब बाग पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भगवान शिव के चित्र के समक्ष जलाभिषेक किया और सामूहिक रूप से शिव चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जब स्मारक परिसर में इस तरह के धार्मिक आयोजनों पर रोक के नियम हैं, तो प्रशासन की अनुमति से यह उर्स कैसे आयोजित किया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम पर्यटकों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
हिंदू महासभा ने इस आयोजन के खिलाफ आगरा की अदालत में पहले ही एक वाद दायर कर रखा है, जिस पर सुनवाई आगामी 4 मार्च को होनी है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा। अदालत द्वारा उर्स कमेटी को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय उर्स के दौरान गुस्ल, संदिल और चादरपोशी जैसी रस्में अदा की जाती हैं, और इन दिनों आम पर्यटकों के लिए मुख्य मकबरे के भूतल पर स्थित असली कब्रों के दर्शन निशुल्क होते हैं। इस विवाद के तूल पकड़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
