आगरा रेल मंडल ने रद्द की ट्रेन गार्ड परीक्षा, पेपर लीक के लगे थे गंभीर आरोप | agra news
आगरा रेल मंडल ने पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोपरि रखते हुए पिछले साल अक्टूबर माह में आयोजित की गई मालगाड़ियों के गार्ड की परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह बड़ा फैसला तब लिया गया जब परीक्षा प्रक्रिया में धांधली और पेपर लीक होने की बात सामने आई थी। इस निर्णय से उन हजारों उम्मीदवारों की मेहनत पर पानी जरूर फिरा है जो निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की आस लगाए बैठे थे, लेकिन रेलवे के इस कड़े कदम से भविष्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत वर्ष 25 अक्टूबर और 28 अक्टूबर को यह परीक्षा संपन्न हुई थी। परीक्षा के तुरंत बाद कुछ सतर्क उम्मीदवारों ने रेल प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने का दावा किया गया था। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंडल स्तर पर शुरुआती जांच बिठाई गई। प्रारंभिक पड़ताल में ही कई तरह की अनियमितताएं और कुछ विभागीय अधिकारियों के इस कृत्य में संलिप्त होने के पुख्ता संकेत मिले।
रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाती है। इसी नीति का पालन करते हुए आगरा रेल मंडल ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले की गहराई से तह तक जाने के लिए सतर्कता विभाग को औपचारिक पत्र लिख दिया है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इस फैसले से रेलवे भर्तियों की शुचिता पर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है कि अयोग्य और बेईमान तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का खोया हुआ विश्वास फिर से बहाल हो सके।
