आगरा पुलिस ने 100 से ज्यादा महंगी कारें चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, जानें कैसे करते थे चोरी
आगरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने विभिन्न शहरों से 100 से अधिक महंगी गाड़ियां चुराने की बात स्वीकार की है। गिरोह का modus operandi बेहद खास था, जिसमें वे गाड़ियों के रिमोट की प्रोग्रामिंग को कॉपी कर लेते थे। इसके बाद, वे चुटकी बजाते ही कारों के लॉक खोलकर उन्हें आसानी से चुरा लेते थे। यह गिरोह विशेष रूप से महंगी कारों को निशाना बनाता था।
पुलिस को गिरोह के सरगना अभिषेक वाजपेयी, जो हरदोई का निवासी है, समेत पांच अन्य सदस्यों की तलाश है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह चोरी की गई गाड़ियों को बिहार के शराब तस्करों और पूर्वोत्तर राज्यों में बेचता था। जयपुर हाउस में 29 जून को चोरी हुई एक कार की बरामदगी के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस इस गिरोह तक पहुंची थी।
पुलिस ने शुक्रवार रात लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद टोल पर सरगना अभिषेक वाजपेयी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह चकमा देकर भागने में सफल रहा। उसकी महिला मित्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इस गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए। बुधवार को पुलिस ने विवेक रावत (लखनऊ), सत्यम यादव (सीतापुर), पंकज कुमार, अजय पाल, संतोष कुमार, रंजीत यादव (बस्ती) और अनुभव त्रिपाठी (हरदोई) को गिरफ्तार किया था। गिरोह के कब्जे से 11 चोरी की गई गाड़ियां बरामद की गई हैं।
डीसीपी सैयद अली अब्बास ने बताया कि गिरफ्तार सदस्यों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने कई राज्यों और शहरों से 100 से अधिक गाड़ियां चोरी की हैं। पुलिस वर्तमान में सरगना अभिषेक, उसके भाई अभिनव, पिता श्याम सुंदर और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। इस गिरोह के सक्रिय होने से आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि उनकी महंगी गाड़ियां पल भर में चोरी हो सकती हैं।
