रेस्टोरेंट्स, हलवाइयों और नमकीन बनाने वाली इकाइयों से बचा हुआ कुकिंग ऑयल अब बड़े काम आ रहा है। इसे रीसाइकिल कर बायो-डीजल बनाया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल रहा...
रेस्टोरेंट्स, हलवाइयों और नमकीन बनाने वाली इकाइयों से बचा हुआ कुकिंग ऑयल अब बड़े काम आ रहा है। इसे रीसाइकिल कर बायो-डीजल बनाया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल रहा है। आगरा और आसपास के जिलों से इस तेल का कलेक्शन कराया जा रहा है।
उपयोग के बाद बचा या बार-बार गर्म किया गया कुकिंग ऑयल मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, किसी भी तेल को दो-तीन बार से अधिक गर्म नहीं करना चाहिए। उपयोग के बाद बचे तेल को फेंकने से पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है।
बायोडीजल उत्पादन की प्रक्रिया
गुरुग्राम की कंपनी इकाइल, उपयोग के बाद बचे हुए कुकिंग ऑयल से बायो-डीजल बना रही है। इसके लिए कंपनी आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद के लगभग दो दर्जन होटल, रेस्टोरेंट और नमकीन कारोबारियों से बचा हुआ कुकिंग ऑयल एकत्र करती है। इस तेल को बायो-डीजल में बदलने के लिए जयपुर या गुरुग्राम स्थित प्लांट भेजा जाता है।
निस्तारण की समस्या और समाधान
गुरुग्राम की इकाइल कंपनी ने होटल जेपी पैलेस में चल रहे फूड एक्सपो एंड कान्क्लेव में अपना स्टॉल लगाया है। कंपनी की लाइजनिंग आफिसर स्वाति मेहंदीरत्ता ने बताया कि कुकिंग के बाद बचे हुए कुकिंग ऑयल का निस्तारण एक बड़ी समस्या है। गांवों में इसे पशुओं को खिला दिया जाता है, लेकिन शहरों में यह एक गंभीर समस्या बन जाती है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
बचे हुए कुकिंग ऑयल को बार-बार गर्म करने से उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। साथ ही, इसमें कैंसरकारी तत्व जैसे एल्डिहाइड और ट्रांस-फैट बनने लगते हैं। इससे दिल की बीमारियां, मोटापा और पेट से जुड़े रोगों का खतरा बढ़ जाता है। तेल में टोटल पोलर कंपाउंड्स (TPC) यदि 25 प्रतिशत तक हो जाएं, तो उसे फेंक देना चाहिए।
पर्यावरणीय प्रभाव
जलीय स्रोतों में तेल फेंकने से जलीय जीवों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। खेतों में डालने से मिट्टी की उर्वरकता भी प्रभावित होती है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व इकाइल ने इस समस्या के समाधान के लिए जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें धीरे-धीरे लोगों को जोड़ा गया। दीपावली और होली जैसे त्योहारों पर अधिक मात्रा में तेल बचता है।
एकत्र किए जाने वाले तेल
इकाइल की सीनियर मैनेजर प्रोक्यूरमेंट सुनैना गुसाईं ने बताया कि कंपनी देशी घी और रिफाइंड को छोड़कर सरसों, नारियल, महुआ, सोयाबीन और पाम ऑयल जैसे तेलों को वेंडर्स से एकत्र करती है।