आगरा मेट्रो अधिकारियों का झूठ पकड़ा गया, पेड़ काटने के सबूत सामने आने पर CEC ने लगाई फटकार
आगरा मेट्रो के अधिकारियों को पेड़ काटने के मामले में झूठ बोलने पर फटकार लगी है। वन विभाग के अधिकारियों ने सबूत पेश किए जिससे मेट्रो अधिकारियों के झूठ का पर्दाफाश हुआ।
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद शहर में पेड़ों के अवैध कटान से संबंधित मामलों पर सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने शुक्रवार को सुनवाई की। अनुमति के बिना 528 पेड़ काटने पर सुनवाई के दौरान आगरा मेट्रो के अधिकारियों ने पेड़ काटने से इन्कार कर दिया। इस पर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी (डीएफओ) राजेश कुमार ने बिना अनुमति के पेड़ काटने के मामले में की गई कार्रवाई और पत्राचार के दस्तावेज उपलब्ध कराए।
डीएफओ द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद मेट्रो के अधिकारियों को फटकार लगाई गई। वहीं, शिकायतकर्ता पर्यावरण कार्यकर्ता डा. शरद गुप्ता ने एमजी रोड व माल रोड के डिवाइडर पर 15 फीट तक ऊंचे पेड़ लगे की पहले बैरिकेडिंग करने और उसके बाद उन्हें काटने के साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।
सुनवाई के दौरान मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार राय ने दलील दी कि जितने पेड़ काटने की अनुमति मिली थी उतने ही काटे गए हैं। लेकिन डीएफओ के सबूतों के सामने उनका झूठ टिक नहीं पाया। सीईसी ने अधिकारियों को फटकार लगाई और हकीकत पता करने के लिए फील्ड विजिट करने का निर्णय लिया है।
