आगरा में एचआईवी पीड़ितों की शादियां और स्वस्थ बच्चों का जन्म | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिली है। सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज से जुड़े एआरटी सेंटर के माध्यम से पिछले 15 वर्षों में 200 एचआईवी संक्रमित मरीजों के विवाह संपन्न कराए गए हैं। इन रिश्तों से जन्मे 64 बच्चों में से 62 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ और एचआईवी नेगेटिव हैं, जो समय पर उचित चिकित्सा और एहतियात के महत्व को दर्शाता है।
एआरटी सेंटर के समन्वयक के अनुसार, वर्ष 2009 से संचालित इस केंद्र में अब तक 13 हजार से अधिक एड्स मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। जिले में हर महीने नए मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिसमें युवाओं की संख्या चिंताजनक रूप से अधिक है। इस पहल के तहत न केवल संक्रमित मरीजों की काउंसलिंग कर उनकी आपस में शादियां कराई गईं, बल्कि उनके परिवारों और समाज में फैली भ्रांतियों को भी दूर करने का प्रयास किया गया।
चिकित्सकों का कहना है कि एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब जीवन का अंत नहीं है। समय पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी और नियमित जांच से गर्भवती महिलाओं से उनके होने वाले बच्चों में इस संक्रमण के फैलने के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। जन्म के बाद बच्चों की कई चरणों में जैसे कि ड्राई ब्लड टेस्ट और एंटीबॉडी टेस्ट के जरिए निगरानी की जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि बच्चा संक्रमण मुक्त रहे।
