एचआईवी संक्रमित जोड़ों के लिए नई पहल, जाति-धर्म से परे कराई गई शादी | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा में एचआईवी एड्स से पीड़ित मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक अनूठी पहल देखने को मिली है। यहाँ एक स्थानीय संस्था ने समाज और परिवारों द्वारा ठुकराए गए 270 एचआईवी संक्रमित मरीजों का विवाह करवाकर उन्हें एक नई जिंदगी दी है। जाति और धर्म के तमाम बंधनों को दरकिनार कर इन जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा है और अब वे सम्मान के साथ अपना जीवन गुजार रहे हैं।
इस वर्ष सामाजिक संस्था एलिवन ओमन्स ने 15 एचआईवी पीड़ित जोड़ों का विवाह संपन्न कराया है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए जिनके अपने भी उनसे दूर हो गए थे, उन्हें इस संस्था ने एक मंच प्रदान किया। कुछ मामलों में मरीजों के परिवार वाले भी इस अनोखी शादी में शामिल हुए, जो समाज की बदलती सोच का एक सकारात्मक संकेत है।
एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, आगरा में वर्तमान में 11 हजार से अधिक एचआईवी पॉजिटिव मरीज पंजीकृत हैं। इनमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं, ट्रांसजेंडर और बच्चे भी शामिल हैं। संस्था सिर्फ शादियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी और छूटे हुए इलाज को दोबारा शुरू कराने में भी अहम भूमिका निभा रही है। संस्था के प्रयासों से न केवल मरीजों को चिकित्सीय सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का बड़ा काम भी हो रहा है।
