आगरा में रेस्टोरेंटकर्मी गुलफाम हत्याकांड में पुलिस ने खारिज की सांप्रदायिक एंगल की अफवाहें | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजगंज थाना क्षेत्र के शिल्पग्राम रोड पर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बीती रात रेस्टोरेंटकर्मी गुलफाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि युवक की हत्या उसका नाम पूछकर की गई है। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बनने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और जनता से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
घटना का पूरा घटनाक्रम और चश्मदीद की गवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब बारह बजे की है जब गुलफाम अपने साथी सैफ अली के साथ दुकान बंद कर रहा था। इसी दौरान स्कूटी पर सवार होकर तीन युवक वहां से गुजरे और कुछ दूरी पर गाड़ी रोककर दो हमलावर पैदल गुलफाम के पास आए। चश्मदीद और घायल साथी सैफ अली के मुताबिक, हमलावरों ने बातचीत का दिखावा किया और अचानक तमंचे से गुलफाम के सीने में गोली मार दी। जब सैफ ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उस पर भी फायर कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गुलफाम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बच्चे छोड़ गया है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर निगरानी
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए एक संगठन का नाम लिया गया। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए आगरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में ऐसा कोई भी संगठन सक्रिय नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों या चश्मदीद साथियों ने शुरुआती बयानों में ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं किया था। पुलिस ने इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। इस तरह की अफवाहें समाज में आपसी सौहार्द बिगाड़ने का काम करती हैं, इसलिए प्रशासन भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रख रहा है।
