ऐतिहासिक आगरा किले के दीवान-ए-आम में पड़ीं गहरी दरारें, पर्यटकों की आवाजाही पर लगी रोक | agra news
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और विश्व धरोहर में शामिल आगरा किले के दीवान-ए-आम की संरचना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस ऐतिहासिक इमारत की छत और दीवारों में काफी गहरी और बड़ी दरारें आ गई हैं, जो देखने में बेहद खतरनाक प्रतीत हो रही हैं। इन दरारों के कारण प्लास्टर और पत्थरों के उखड़कर नीचे गिरने की आशंका बनी हुई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने तुरंत कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्र को चिह्नित कर बैरिकेडिंग कर दी है और पर्यटकों के जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
एएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर दरारों की मरम्मत की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। हालांकि, इन गहरी दरारों के अचानक उभरने के पीछे के वास्तविक कारणों पर अधिकारी अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं और कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कुछ समय पहले आयोजित हुए जी-20 समिट के दौरान हुए आयोजनों का इस पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए किले में प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया गया था, जिसके रिहर्सल के दौरान निर्धारित मानकों से काफी तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए गए थे। माना जा रहा है कि तेज आवाज के कंपन (डिफॉर्मेशन) के कारण ही दीवारों में पहले से मौजूद कमजोर हिस्से या तो फट गए या फिर पुरानी दरारें और अधिक चौड़ी हो गई हैं।
इस घटना ने ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और उनके आसपास होने वाले आयोजनों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा और धरोहर के दीदार पर लगी रोक से पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। आम जनता और इतिहास प्रेमियों ने मांग की है कि पुरातत्व विभाग जल्द से जल्द वैज्ञानिक तरीकों से इस क्षति की मरम्मत कराए और भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक स्थलों पर भारी ध्वनि प्रदूषण वाले आयोजनों पर रोक सुनिश्चित करे।
