आगरा में यूरिया और पाम ऑयल से बन रहा था नकली घी, बड़े ब्रांड्स के नाम पर हो रही थी सप्लाई | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। थाना ताजगंज इलाके में चल रही तीन अवैध फैक्ट्रियों में यूरिया, पाम ऑयल और खतरनाक केमिकल्स मिलाकर नकली देसी घी तैयार किया जा रहा था। इस गैरकानूनी कारोबार का दायरा सिर्फ आगरा तक सीमित नहीं था, बल्कि यहां से नकली घी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कई बड़े शहरों में धड़ल्ले से भेजा जा रहा था।
संयुक्त कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस और खाद्य विभाग की टीमों ने सूचना के आधार पर ताजगंज क्षेत्र में स्थित ‘श्याम एग्रो’ के नाम से रजिस्टर्ड तीन फैक्ट्रियों पर एक साथ छापा मारा। जांच में सामने आया कि इन यूनिट्स का संचालन अलग-अलग चरणों में बंटा हुआ था। एक फैक्ट्री में नकली घी बनाया जाता था, दूसरी में रॉ मटेरियल स्टोर किया जाता था और तीसरी फैक्ट्री में तैयार माल का स्टॉक रखा जाता था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके से करीब 2500 किलो कच्चा माल और पैकेजिंग मटेरियल के साथ 18 बड़े ब्रांड्स के नकली स्टिकर भी बरामद किए।
जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
इस तरह के मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन आम जनता के लीवर, किडनी और पाचन तंत्र पर घातक असर डालता है। यूरिया और पाम ऑयल जैसे तत्वों का लंबे समय तक सेवन गंभीर बीमारियों को न्योता देता है, जिससे जनमानस का स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
मास्टरमाइंड की तलाश और आगे की कार्रवाई
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि इन फैक्ट्रियों का संचालन ग्वालियर के एक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार मजदूरों और एक मैनेजर को हिरासत में लिया है। हाल ही में यहां से एक ट्रक में भरकर 50 टिन नकली घी मेरठ भेजा गया था, जिसे ट्रैक करने के लिए पुलिस टीम जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी मुख्य आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
