बेटी के सेक्स रैकेट में पकड़े जाने की झूठी खबर से शिक्षिका की मौत, चार घंटे तक रखा था डिजिटल अरेस्ट | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में साइबर ठगों के एक खौफनाक कारनामे ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। अछनेरा के एक राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल में तैनात 58 वर्षीय शिक्षिका मालती वर्मा को ठगों ने चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहने हुए व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की और दावा किया कि उनकी बेटी एक सेक्स रैकेट में पकड़ी गई है। ठगों ने बेटी की आड़ में एक लाख रुपये की फिरौती मांगी और धमकी दी कि पैसे न मिलने पर वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे।
मानसिक तनाव और दिल का दौरा
साइबर अपराधियों ने शातिर तरीके से एक लड़की की रोने की आवाज भी सुनाई, जिसमें ‘मम्मी मुझे बचा लो’ कहा गया था। इस खौफनाक मंजर और अचानक आए इस वज्रपात को शिक्षिका सहन नहीं कर पाईं। अत्यधिक मानसिक तनाव और गहरे सदमे के कारण उन्हें अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया। परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में रोष का माहौल है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
परिजनों के अनुसार, जिस नंबर से कॉल आई थी, उसका कोड +92 था जो पाकिस्तान का है। इस तरह के डिजिटल अरेस्ट और ठगी के मामले आम जनता की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में औपचारिक तहरीर मिल चुकी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहनता से जांच की जा रही है। इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं, जिससे निपटने के लिए नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक हो गया है।
