यूपी में खाद कालाबाजारी पर एक्शन: 7462 छापे, 556 लाइसेंस निलंबित, 34 FIR दर्ज
उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। एक अप्रैल से 28 जुलाई के बीच चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश भर में 7462 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 1045 उर्वरक नमूने एकत्र किए गए, जिनमें से 102 नमूनों का विश्लेषण किया गया। विश्लेषण में 25 नमूने गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
कृषि विभाग ने इन अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 556 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा, 53 लाइसेंस पूरी तरह से निरस्त कर दिए गए हैं और 705 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 दुकानों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जबकि 23 दुकानों को सील कर दिया गया है।
कालाबाजारी के गंभीर मामलों में 34 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई हैं। इस कार्रवाई में कुल 229.7 मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक को सील कर जब्त किया गया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न करें। यह कदम किसानों को सही समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
