खान सर ने खोला राज: ऐसे अमीर बनते हैं भारत के लोग, अमेरिका से है बड़ा अंतर
पटना के जाने-माने शिक्षक खान सर, जो खान जीएस रिसर्च सेंटर के नाम से प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में एक वीडियो में भारत में धनवान बनने की प्रक्रिया और अमेरिका के साथ इसकी तुलना पर विस्तार से बात की है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में उन्होंने उन पांच प्रमुख कारणों का खुलासा किया है जिनसे भारत में लोग अरबपति बनते हैं।
खान सर के अनुसार, भारत में कोई भी व्यक्ति मुख्य रूप से पांच विशिष्ट रास्तों से अमीर बनता है। इनमें सबसे पहला है बैंक से भारी-भरकम लोन लेना। दूसरा, केंद्र सरकार से अपने पक्ष में नीतियां बनवाना। तीसरा, राज्य सरकारों से मुफ्त या अत्यंत सस्ती दर पर जमीन हासिल करना। चौथा, विदेशी तकनीक को आयात करके अपने कारोबार को आगे बढ़ाना। और पांचवां, सरकारी ठेके और ठेकेदारी हासिल करना। खान सर ने दावा किया कि भारतीय उद्योग जगत पूरी तरह से इसी ‘ठेकेदारी मॉडल’ पर निर्भर है और रिसर्च एवं इनोवेशन के मामले में पिछड़ा हुआ है, फिर भी भारत में अरबपतियों की संख्या दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है।
इसके विपरीत, खान सर ने अमेरिकी अरबपतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के धनी व्यक्ति अपने असाधारण टैलेंट, नवीन आविष्कारों और अनूठे विचारों के दम पर शिखर पर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका में शिक्षा और संसाधनों तक पहुंच अपेक्षाकृत आसान है, जो व्यक्तियों को अपने दम पर कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने जिन अमेरिकी अरबपतियों का उल्लेख किया, वे अपने दम पर सफल हुए हैं, न कि किसी सरकारी संरक्षण या ठेकेदारी मॉडल के सहारे।
खान सर ने सामाजिक-आर्थिक कारकों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि भारत में सफलता के लिए कड़ी मेहनत, शिक्षा और उपलब्ध अवसरों का सही तालमेल आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका में मिलने वाली सुविधाएँ और माहौल भारतीयों के लिए एक बड़ा सबक हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर और नवाचारी बनने के लिए प्रेरित कर सकता है।
