पानी की समस्या पर महिला की जीत, लोक अदालत ने नगर निगम को दिया सबमर्सिबल लगाने का आदेश
जिस शहर में गंगा बहती है, उसी शहर में पानी की समस्या से जूझ रही एक महिला को आखिरकार इंसाफ मिला है। कानपुर के शताब्दी नगर पनकी की रहने वाली मीना देवी ने दो साल पहले पानी की आपूर्ति की समस्या को लेकर स्थाई लोक अदालत का दरवाजा खटखटाया था। शुक्रवार को इस मामले का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण कर दिया गया।
स्थाई लोक अदालत ने नगर निगम के जलकल विभाग को महिला के आवास पर सबमर्सिबल पंप लगाने की अनुमति देने का आदेश दिया। सबमर्सिबल पंप लग जाने के बाद, महिला ने अदालत को लिखित रूप से सूचित किया कि उसकी पानी की समस्या का समाधान हो गया है। इसके बाद अदालत ने मुकदमे के निस्तारण का फैसला सुनाया।
मामले की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई, जब मीना देवी ने स्थाई लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने केडीए से फ्री होल्ड डीड के बाद दो नवंबर 2022 को एक फ्लैट खरीदा था। केडीए द्वारा जलापूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इससे पानी की आपूर्ति अपर्याप्त रहती थी। जब उन्होंने बगल में सबमर्सिबल लगवाने का प्रयास किया, तो केडीए ने आपत्ति जताते हुए काम रुकवा दिया।
केडीए से शिकायत करने पर उन्हें बताया गया कि यह योजना नगर निगम को सौंपी जा चुकी है। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद मीना देवी ने लोक अदालत का रुख किया।
शुक्रवार को स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अश्वनी कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ सदस्य अमित कुमार दीक्षित और सदस्य मीना राठौर की पीठ ने मामले की सुनवाई की और सुलह समझौते के तहत इसका निस्तारण किया। इस फैसले से मीना देवी को पानी की समस्या से निजात मिली है।
