निलंबन की धमकी से आहत शिक्षक ने दी जान, शिक्षा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने निलंबन की धमकी और अत्यधिक कार्यभार से परेशान होकर अपनी जान दे दी। शिक्षक मुकेश कुमार जांगिड़, जो राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल नारीकाबास में तैनात थे, ने कथित तौर पर रविवार को ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस को शिक्षक के शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में मुकेश कुमार जांगिड़ ने लिखा है कि एसआईआर (SIR) योजना के तहत काम की अधिकता और प्रभारी सीताराम बुनकर द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव से वे बेहद परेशान थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काम न करने पर उन्हें निलंबित करने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गए थे।
पुलिस के अनुसार, शिक्षक का शव रविवार सुबह बिंदायका रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर रेलवे ट्रैक पर मिला। इस घटना ने शिक्षा विभाग में कार्य संस्कृति और अधिकारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक शिक्षक के सहकर्मी और स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और सुसाइड नोट के आधार पर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि वे शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करेंगे और तथ्यों की सत्यता की पुष्टि करेंगे। इस दुखद घटना ने सरकारी महकमे में कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।
