ईवीएम और एसआईआर के मुद्दे पर चंद्रबाबू नायडू का कांग्रेस पर तीखा हमला | national news
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने देश की चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दलों, खासकर कांग्रेस को दो टूक जवाब दिया है। अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नायडू ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन चुनावी प्रणालियों पर केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार सवाल खड़े करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि देश में ईवीएम लाने वाली कांग्रेस पार्टी ही थी और उस समय ये मशीनें बिल्कुल ठीक थीं, लेकिन अब चुनाव हारने के बाद इन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजनीतिक दल अपनी जीत का श्रेय तो ले लेते हैं, लेकिन हार का ठीकरा हमेशा मशीनों पर फोड़ देते हैं। इस दोहरे रुख से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के हित में नहीं है। नायडू ने आलोचकों को नसीहत दी कि किसी भी गंभीर आरोप को लगाने से पहले आत्ममुग्धता के बजाय तथ्यों पर गौर किया जाना चाहिए ताकि जनता का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।
मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर भी नायडू ने विपक्ष, विशेषकर वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर की गणना और सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और इसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंट शामिल थे। जब प्रक्रिया चल रही थी, तब किसी भी दल ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। ऐसे में अब चुनावी लाभ के लिए इस पर सवाल उठाना केवल राजनीतिक ढकोसला है। उन्होंने चुनावी गड़बड़ी के दाースों को खारिज करते हुए कहा कि सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाओं के कारण पारदर्शिता पूरी तरह सुनिश्चित की जाती है।
