दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद जीआरएपी-1 लागू, प्रदूषण रोकने के लिए पाबंदियां तेज | delhi news
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा की सेहत बिगड़ती नजर आ रही है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 244 के स्तर पर पहुंचने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कदम उठाते हुए ग्रेप का पहला चरण (GRAP-1) लागू कर दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और नागरिकों को जहरीली हवा से राहत दिलाना है।
नए नियमों के तहत शहर में मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग को छोड़कर अन्य सभी सार्वजनिक और वाणिज्यिक पार्किंग स्थलों पर शुल्क को दोगुना कर दिया गया है। इसके अलावा, ईंधन स्टेशनों पर वाहनों की जांच कड़ी कर दी गई है और बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाण पत्र के किसी भी वाहन को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी एक नवंबर से दिल्ली में अन्य राज्यों से आने वाले उन वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा जो भारत स्टेज-6 (BS-6) मानकों का पालन नहीं करते हैं। लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे सांस और आंखों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन नियमों का सख्ती से पालन नहीं कराया गया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
