संजय राउत के अल्बानिया वाले बयान पर सियासी घमासान, बीजेपी ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप | national politics
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत द्वारा सोशल मीडिया पर अल्बानिया की एक घटना का समर्थन करने वाला पोस्ट साझा किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी बवाल मच गया है। राउत ने अपने पोस्ट में अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जलाए जाने और सरकारी दफ्तरों पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा था कि अन्य देशों को भी इन घटनाओं से सबक सीखना चाहिए। उनके इस बयान को देश में अराजकता को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।
विपक्ष के इस रुख पर सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और देश में अराजकता का माहौल पैदा करने के लिए विदेशी घटनाओं का हवाला दे रहे हैं। जनता के बीच इस तरह के बयानों से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति गलत संदेश जाने की आशंका जताई जा रही है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
इस पूरे विवाद के बीच शिवसेना (UBT) की ही वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को किसी भी अन्य देश से इस तरह की हिंसक सीख की कोई आवश्यकता नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।
बीजेपी और जेडीयू के प्रवक्ताओं ने संजय राउत के बयान को देश के लोकतंत्र और न्यायपालिका का अपमान बताया है। उनका कहना है कि विपक्ष को चुनावी जनादेश पर भरोसा नहीं रहा है, इसलिए वे इस प्रकार के बयानों के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर राजनीतिक दलों के बीच टकराव और तेज होने के पूरे आसार हैं।
