आगरा में महंगे बीज और कम भाव से आलू किसानों की बढ़ी चिंता, सरकारी बुकिंग में भारी गिरावट | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में आलू किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले दो वर्षों से लगातार मंदी की मार झेल रहे किसानों के लिए इस बार सरकारी आलू बीज खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति यह है कि सितंबर से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया के बावजूद अभी तक मात्र 190 किसानों ने ही आवेदन किया है, जबकि पिछले वर्षों में यह आंकड़ा दो से ढाई हजार के बीच रहता था।
क्यों कम हो रही है किसानों की रुचि?
किसानों के पीछे हटने का सबसे बड़ा कारण बाजार में आलू के बेहद कम दाम और सरकारी बीज की ऊंची कीमतें हैं। वर्तमान में बाजार में ओवर साइज आलू 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि गुल्ला और किर्री जैसे छोटे आलू की बिक्री से किसान कोल्ड स्टोर का किराया तक नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके विपरीत, सरकारी बीज की कीमत 2980 से 3630 रुपये प्रति क्विंटल तक है। सरकार द्वारा प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान दिए जाने के बावजूद नया बीज किसानों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
आवंटित कोटे का बड़ा हिस्सा शेष
जिला उद्यान विभाग के अनुसार, इस बार जिले को 4716 क्विंटल आलू बीज आवंटित किया गया था, जिसमें से लगभग दो हजार क्विंटल बीज अभी भी बुकिंग के लिए शेष है। यदि यही हाल रहा तो सरकारी बीज की पूरी खेप को खपाना विभाग के लिए भी मुश्किल साबित होगा। लगातार घाटे के कारण कर्ज के दलदल में फंस चुके किसानों का कहना है कि वर्तमान बाजार भाव को देखते हुए महंगा बीज खरीदना सीधा घाटे का सौदा है, जिससे उनकी आगामी फसल की तैयारी पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
