अमेरिका में चुनावी धोखाधड़ी: दो भारतीयों समेत 28 ग्रीन कार्ड धारकों पर बिना नागरिकता वोट डालने के आरोप | international news
अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए न्याय विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। कैलिफोर्निया और अन्य क्षेत्रों में सामने आए मामलों में दो भारतीय मूल के नागरिकों समेत कुल 28 ग्रीन कार्ड धारकों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी नागरिक न होने के बावजूद चुनावी नियमों को ताक पर रखकर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आरोपियों में सैक्रामेंटो के रहने वाले कमलेश शाह और रैंचो पालोस वर्डेस की अमनदीप कौर शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने गैरकानूनी तरीके से वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया और मतदान किया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दोनों उन 11 लोगों में शामिल हैं या नहीं जिन्हें हालिया छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
कानूनी प्रावधानों के तहत ग्रीन कार्ड धारकों को अमेरिका में रहने की अनुमति तो मिलती है, लेकिन वे मतदान के पात्र नहीं होते हैं। इस नियम का उल्लंघन करने वाले इन प्रवासियों पर नागरिकता आवेदन में फर्जीवाड़ा करने और अवैध रूप से मतदान करने के गंभीर संघीय आरोप तय किए गए हैं। दोषी पाए जाने पर इनमें से प्रत्येक आरोपी को अधिकतम पांच साल तक की सजा हो सकती है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी प्रशासन चुनाव में प्रवासियों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त हो गया है। हाल ही में चुनाव अधिकारियों को 20 हजार से अधिक ऐसे संदिग्ध रजिस्ट्रेशन की सूची सौंपी गई है, जो गैर-नागरिकों से जुड़े हो सकते हैं। इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में अमेरिकी आव्रजन नीतियों और चुनावी सुधारों को और अधिक कड़ा बनाने का काम कर सकती हैं, जिससे वैध प्रवासियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
