तिरंगा यात्रा से पहले अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, वीडियो वायरल | national news
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से ठीक पहले प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस की एक टीम शुक्रवार दोपहर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के ठहरने वाले स्थान पर पहुँची। अधिकारियों ने उन्हें कुछ दस्तावेज सौंपते हुए दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत नोटिस दिए जाने की जानकारी दी। यह मुलाकात पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि अभिजीत दिपके अपने कंधों पर तिरंगा लपेटे हुए सोफे पर बैठे हैं। पुलिस अधिकारियों के पहुँचने पर उन्होंने मेहमाननवाजी करते हुए उन्हें कोल्ड ड्रिंक और पानी की पेशकश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी बेहद सहज मुद्रा में होती दिखाई दी, जिसमें दिपके कभी हाथ जोड़ते तो कभी पानी पीते नजर आ रहे हैं। यह घटनाक्रम कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाली तिरंगा यात्रा से कुछ ही घंटे पहले सामने आया है।
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर के विरोध में पार्टी की ओर से आंदोलन का ऐलान किया गया था। इसी कड़ी में पहले भी कुछ कार्यकर्ता जंतर-मंतर के पास तिरंगे के साथ पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में वे कार्यकर्ता न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं। इन्हीं गिरफ्तारियों के विरोध में आज शाम सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा निकाले जाने का ऐलान किया गया था। यात्रा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
इस पूरी कार्रवाई के पीछे दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 29 की अहम भूमिका है। इस धारा के अंतर्गत पुलिस आयुक्त या उच्च रैंक के अधिकारियों को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौखिक या लिखित निर्देश जारी करने का अधिकार होता है। इसके जरिए जुलूस के मार्ग, समय और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ के नियंत्रण को विनियमित किया जाता है। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि इस प्रावधान का उद्देश्य पूरी तरह से प्रदर्शनों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि सुरक्षा और यातायात को सुचारू रखना है। ऐसे प्रशासनिक कदमों से नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने की उम्मीद की जाती है.
