दिल्ली में प्रकाश राज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोरदार हंगामा, नेहा बोरा को बीच में रोकना पड़ा संबोधन | delhi news
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वक्ता और दर्शकों के बीच तीखी नोकझोक शुरू हो गई। अभिनेता प्रकाश राज की इस प्रेस वार्ता में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर चर्चा हो रही थी।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ता नेहा बोरा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियों ‘जंजीर बढ़ाकर साध मुझे, हां-हां दुर्योधन बांध मुझे’ का पाठ किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि वोट के अधिकार की यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता के लिए है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता।
जैसे ही नेहा बोरा ने अपनी बात आगे बढ़ाई, वैसे ही दर्शकों के बीच से कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। ‘बाहर जाओ’ के नारे लगाते हुए हंगामा करने वाले लोगों के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। बार-बार शांत कराने की कोशिश के बावजूद जब भीड़ का शोर थमता नहीं दिखा, तो उन्हें मजबूरन अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा।
इस हंगामे के बीच अभिजीत दिपके ने मोर्चा संभाला और माइक अपने हाथ में लेकर लोगों को शांत करने का प्रयास किया। आयोजकों ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों से व्यवधान डालने वाले लोगों को बाहर करने की मांग की। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मंचों पर असहमति और विरोध प्रदर्शन के तरीकों को लेकर बहस छेड़ दी है।
